RPSC पेपर लीक मामला: SOG के हत्थे चढ़ा एक और आरोपी शिक्षक, 7 लाख में बेचा था अर्थशास्त्र का पेपर

RPSC पेपर लीक मामला: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक (स्कूल लेक्चरर) भर्ती परीक्षा-2022 के अर्थशास्त्र विषय का पेपर लीक कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान श्रवण कुमार विश्नोई (30) के रूप में हुई है, जो बालोतरा जिले के धोरीमन्ना का रहने वाला है और वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारों का तला में द्वितीय श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत था.
एसओजी ने आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जिससे नेटवर्क के अन्यपुटों को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है.
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस प्रकरण में पूर्व में धोरीमन्ना निवासी गोपाल को गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ के दौरान गोपाल ने खुलासा किया था कि श्रवण कुमार उसका घनिष्ठ मित्र है और परीक्षा से पहले श्रवण ने उसे अपने घर बुलाया था.
वहां श्रवण ने पेपर लीक माफिया से अपने संपर्क होने की बात कही थी और दोनों दिनों की परीक्षा से पहले अर्थशास्त्र का पेपर उपलब्ध कराने की एवज में 7 लाख रुपये में डील तय की थी.
परीक्षा से ठीक पहले पेपर मिलने के बाद गोपाल ने उसकी तैयारी की और बाद में प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में उसका चयन हो गया था. गोपाल से मिली इसी अहम जानकारी के आधार पर एसओजी ने शिकंजा कसते हुए श्रवण को दबोच लिया.
जांच में यह भी सामने आया है कि अक्टूबर 2022 में आयोजित इस प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के पेपर तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा शेर सिंह उर्फ अनिल मीणा को उपलब्ध कराए गए थे, जिसके बाद यह चेन आगे फैली थी.
खास बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी श्रवण कुमार स्वयं द्वितीय श्रेणी शिक्षक है, लेकिन उसकी करतूतें यहीं तक सीमित नहीं थीं. वह पूर्व में अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति (डमी अभ्यर्थी) को परीक्षा में बैठाकर अपना चयन करवाने के मामले में भी गिरफ्तार हो चुका है.
पेपर लीक और डमी अभ्यर्थी प्रकरण में नाम सामने आने के बाद से श्रवण और गोपाल दोनों ही अपने-अपने सरकारी पदों से निलंबित चल रहे हैं.
एसओजी अब इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन को लेकर कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.









